Tuesday, 22 November 2016

तरस जाओगे हमारे लबों से सुनने को एक लफ्ज भी !
प्यार की बात तो क्या हम शिकायत तक नहीं करेंगे!!
दिल जब भर जाता है तो...
लोग हाल-चाल पुछना भी बंद कर देते हैं ..
होंठों की हँसी को न समझ हकीकत-ए-ज़िंदगी....
दिल में उतर कर देख कितने टूटे हुये हैं हम...
मैं क़तरा होकर भी तूफां से जंग लेता हूं !
मेरा बचना समंदर की जिम्मेदारी है !!
दुआ करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत !
यह एक चिराग कई आंधियों पर भारी है !
मै तुम्हारी वो याद हूँ..
जिसे तुम अक्सर भुल जाते हो.....🐾✍🏼
बज़्म -ए- वफा मैं हमारी गरीबी ना पूछ,
एक दर्द -ए- दिल है, वो भी किसी अज़ीज़ का दिया हुआ....

मेरे इश्क की इंतिहा मेरी अंतिम सांस तक है..
बस तेरे दिल में अपना वजूद चाहता हूं...