Friday, 14 October 2016

पत्थर की मूरत

"कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है 
लो हमने देख ली दुनिया जो इतनी ख़ूबसूरत है 
ज़माना अपनी समझे पर मुझे अपनी ख़बर ये है 
तुम्हें मेरी ज़रूरत है, मुझे तेरी ज़रूरत है...!"

Monday, 10 October 2016

Dil

उसे पा नहीं सकता तो क्या हुआ 
फिर भी सारी ज़िन्दगी उसी से प्यार करूँगा 
ज़रूरी तो नहीं जो मिल नहीं सकता उसे छोर दिया जाइए 

Sunday, 9 October 2016

माँ

माँ
माँ तू क्यों मुझ से
इतनी दूर हों
माँ वो मुझे फिर से
बचपन का दिन चाहिए
जिसमें  हर वक़्त मैं आप के पलकों में रहु
माँ तेरी याद बहुत आती हैं !!
Love U Maa ...
Miss u so much maa

संघर्ष करते हुए मत घबड़ाना

संघर्ष करते हुए मत घबड़ाना
क्योंकि संघर्ष के दौरान ही
इंसान अकेला होता हैं
सफलता के बाद सारी
दुनियां साथ होतीं हैं 

Thursday, 6 October 2016

उसके हाथों पर मोहोब्बत की दुआ लिखूंगा मैं,
उसके लब पर एक दिन हरफे–वफ़ा (प्यार के बोल) लिखूंगा मैं.


पलकों पे हसरत  की घटायें  हम भी पागल,  तुम भी !
जी ना सके  और मरते  जायें  हम  भी पागल,  तुम भी !!

खाली जेब ने सीखा दिया ज़िन्दगी जीना,
हँसते रहो चाहे गम को पडे पीना.

हाथ पसरोगे तो कोई तुमको कहेगा कमीना
करो मेहनत चाहे जितना निकले पसीना.

भीख मांगना भी कहाँ आसान होता है ,
ज़िन्दगी हर कदम एक नया इम्तिहान होता है.

एक महफ़िल में आ गया मुझको रोना
टूटा था उस दिन मेरा सपना सलोना,
मिला नहीं मुझे शुकून का कोई कोना
जाना मैंने तब कुछ पाकर के खोना.

कुछ पाना भी कहाँ आसान होता है खाली.
ज़िन्दगी हर कदम एक नया इम्तिहान होता है.
"#कृष्णा"

Monday, 3 October 2016

Dil Ki Bat

मोहब्त  एक अहसासो की पावन सी कहानी है
कभी किबरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है
यहाँ सब लोग कहते , मेरी आंखों मेरे  आँसू हैं 
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है!!

Sunday, 2 October 2016

कोई दीवाना कहता है
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है!
मैं  तुझसे दूर कै सा हूँ , तू मुझसे दूर कै सी है
ये तेरा दिल  समझता है या मेरा दिल  समझता है!!

!!शुभः नवरात्री !!
!!जय माता दी !!