Thursday, 6 October 2016

खाली जेब ने सीखा दिया ज़िन्दगी जीना,
हँसते रहो चाहे गम को पडे पीना.

हाथ पसरोगे तो कोई तुमको कहेगा कमीना
करो मेहनत चाहे जितना निकले पसीना.

भीख मांगना भी कहाँ आसान होता है ,
ज़िन्दगी हर कदम एक नया इम्तिहान होता है.

एक महफ़िल में आ गया मुझको रोना
टूटा था उस दिन मेरा सपना सलोना,
मिला नहीं मुझे शुकून का कोई कोना
जाना मैंने तब कुछ पाकर के खोना.

कुछ पाना भी कहाँ आसान होता है खाली.
ज़िन्दगी हर कदम एक नया इम्तिहान होता है.
"#कृष्णा"

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